“Serving humanity is the greatest form of worship.”

Save the tree save the life

गाँव के पास एक बड़ा बगीचा था, जहाँ बच्चे खेलते थे, बूढ़े लोग छांव में बैठकर बातें करते थे, और पक्षियों की चहचहाहट पूरे गाँव को जीवंत रखती थी। उस बगीचे में एक बूढ़ा पेड़ था, जिसने सालों से सबको छांव, फल और ऑक्सीजन दी थी।समय के साथ गाँव में पक्के मकान बनने लगे। लोगों ने कहा –“ये पेड़ तो जगह घेरते हैं, इन्हें काट दो ताकि सड़क और घर बन सकें।”धीरे-धीरे सारे पेड़ कट गए। अब वहाँ धूल उड़ने लगी, गर्मी असहनीय हो गई, और बारिश का पानी रुकने लगा। बच्चे बीमार पड़ने लगे, बुज़ुर्गों को साँस लेने में तकलीफ़ होने लगी।तभी एक बच्चा उस बूढ़े पेड़ के पास आया, जो अब लगभग सूख चुका था। पेड़ ने धीमी आवाज़ में कहा –“बेटा, जब मैं हरा-भरा था, तब सबको जीवन दिया। अगर चाहते हो कि तुम्हारे बच्चे स्वस्थ रहें, तो मुझे अकेला मत छोड़ो… मेरे जैसे और पेड़ लगाओ।”उस बच्चे ने गाँव वालों को बुलाया और कहा –“हमारे जीवन की असली साँस तो यही पेड़ हैं। अगर हमने पेड़ खो दिए, तो अपना जीवन भी खो देंगे।”लोगों को अपनी गलती समझ आई। पूरे गाँव ने मिलकर सैकड़ों पौधे लगाए। कुछ सालों बाद वह जगह फिर से हरी-भरी हो गई। बच्चों की हँसी लौट आई, और गाँव ने महसूस किया कि –👉…

Continue ReadingSave the tree save the life